Narayankritam Shivastavah
नारायणकृतं शिवस्तवः एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र भगवान विष्णु के अवतार भगवान नारायण द्वारा रचित है।
स्तोत्र 12 श्लोकों में विभाजित है, प्रत्येक श्लोक में 12 पद हैं। प्रत्येक पद में, भगवान नारायण भगवान शिव की एक विशेषता का वर्णन करते हैं।
उदाहरण के लिए, पहले श्लोक में, भगवान नारायण भगवान शिव को सर्वशक्तिमान कहते हैं। वे कहते हैं कि भगवान शिव सभी प्रकार की शक्तियों से संपन्न हैं। दूसरे श्लोक में, वे भगवान शिव को सर्वव्यापी कहते हैं। वे कहते हैं कि भगवान शिव सर्वत्र व्याप्त हैं।
स्तोत्र के अंत में, भगवान नारायण कहते हैं कि जो कोई भी इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
स्तोत्र का हिंदी अनुवाद:
श्लोक 1
भगवान नारायण कहते हैं, "हे शिव, तुम सर्वशक्तिमान हो। तुम सभी प्रकार की शक्तियों से संपन्न हो। तुम सभी प्रकार के दुखों और कष्टों को दूर करने वाले हो।"
श्लोक 2
"हे शिव, तुम सर्वव्यापी हो। तुम सर्वत्र व्याप्त हो। तुम सभी प्राणियों के हृदयों में निवास करते हो।"
श्लोक 3
Narayankritam Shivastavah
"हे शिव, तुम सर्वज्ञ हो। तुम सब कुछ जानते हो। तुम सभी प्राणियों के मन को जानते हो।"
श्लोक 4
"हे शिव, तुम सर्वकल्याणकारी हो। तुम सभी प्रकार की सुखों का प्रदान करने वाले हो। तुम सभी प्राणियों के कष्टों को दूर करने वाले हो।"
श्लोक 5
"हे शिव, तुम सर्वरक्षक हो। तुम सभी प्राणियों की रक्षा करने वाले हो। तुम सभी प्राणियों को मोक्ष प्रदान करने वाले हो।"
श्लोक 6
"हे शिव, तुम सर्वशत्रुविनाशक हो। तुम सभी दुष्टों का नाश करने वाले हो। तुम सभी प्राणियों को सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले हो।"
श्लोक 7
"हे शिव, तुम सर्वसिद्धिप्रद हो। तुम सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाले हो। तुम सभी प्राणियों को मुक्ति प्रदान करने वाले हो।"
श्लोक 8
"हे शिव, जो कोई भी तुम्हारी भक्ति करता है, उसे तुम्हारी कृपा प्राप्त होती है। वह सभी प्रकार के दुखों से मुक्त हो जाता है और उसे सभी प्रकार की सुख और मंगल प्राप्त होते हैं।"
कुछ विशेष टिप्पणियां:
- नारायणकृतं शिवस्तवः एक महत्वपूर्ण धार्मिक पाठ है जो भगवान शिव की महिमा और शक्ति को दर्शाता है।
- यह स्तोत्र शिव भक्तों के बीच लोकप्रिय है और इसका पाठ अक्सर मंदिरों और घरों में किया जाता है।
- स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है।
नारायणकृतं शिवस्तवः एक बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण स्तोत्र है। यह स्तोत्र भगवान शिव के सभी गुणों और शक्तियों का वर्णन करता है। यह स्तोत्र उन भक्तों के लिए बहुत लाभकारी है जो भगवान शिव की भक्ति करते हैं।
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