Nityananda Trayodashi 2026 Mein kab Hai: त्रयोदशी तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की तेरहवीं तिथि को आती है। यह तिथि शुभ मानी जाती है और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। Trayodashi त्रयोदशी तिथि को “प्रदोष व्रत” और “मासिक शिवरात्रि” जैसे व्रतों से जोड़ा गया है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है।
प्रभु नित्यानंद के जन्म दिवस को नित्यानंद त्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। Trayodashi यह त्यौहार वसंत ऋतु में होता है। प्रभु नित्यानंद अपने सभी अवतारों में भगवान विष्णु के साथ ही अवतरित होते हैं। नित्यानंद प्रभु चैतन्य महाप्रभु के प्रथम शिष्य थे, तथा इन्हें निताई भी कहा जाता है।
भगवान कृष्ण के साथ उनके प्रिय भाई बलराम के रूप में, तथा भगवान श्री राम के साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण के रूप में अवतरित हुए हैं। प्रभु नित्यानंद प्राणियों के सबसे अधिक पतितों पर भी दया करने के लिए जाने जाते हैं। Trayodashi भक्त इस दिन दोपहर तक उपवास रखते हैं, तथा उसके उपरांत भोज करते हैं।
नित्यानंद प्रभु का जन्म सन् 1474 के आसपास वर्तमान भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव एकचक्र में हुआ था। उनके पिता श्री हाडाई ओझा एवं माँ पद्मावती मूल रूप से मिथिला के एक पवित्र ब्रह्मण परिवार से थे। नित्यानंद प्रभु का जन्म माघ महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी Trayodashi के दिन हुआ था।
त्रयोदशी तिथि का धार्मिक महत्व:Religious significance of Trayodashi date
त्रयोदशी Trayodashi तिथि भगवान शिव को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। प्रदोष व्रत, जो Trayodashi त्रयोदशी तिथि की संध्या के समय मनाया जाता है, को विशेष रूप से शुभ माना गया है। इस व्रत से कष्टों का निवारण होता है और इच्छाओं की पूर्ति होती है।
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त्रयोदशी व्रत की विधि:Method of Trayodashi fast
- प्रातःकाल स्नान और संकल्प: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- भगवान शिव की पूजा: शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, और धतूरा चढ़ाकर पूजा करें।
- प्रदोष काल की पूजा: सूर्यास्त के समय भगवान शिव की विशेष पूजा करें। इस समय को प्रदोष काल कहते हैं।
- मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- दान और भोजन: व्रत पूरा होने के बाद ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराएं और दान दें।
प्रदोष व्रत का महत्व:Importance of Pradosh Vrat
त्रयोदशी Trayodashi तिथि को प्रदोष व्रत रखना अति शुभ माना जाता है। Trayodashi यह व्रत मनोकामनाओं की पूर्ति और मोक्ष प्राप्ति के लिए किया जाता है।
- सामान्य प्रदोष व्रत: हर मास की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है।
- शिव प्रदोष व्रत: भगवान शिव को समर्पित व्रत।
- सौम्य प्रदोष व्रत: परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े कष्टों के निवारण के लिए।
पौराणिक कथा
एक कथा के अनुसार, त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव ने समुद्र मंथन के समय विष का पान किया था, जिससे वे “नीलकंठ” कहलाए। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने से जीवन के सारे संकट और दोष समाप्त हो जाते हैं।
त्रयोदशी तिथि का संदेश:Message of Trayodashi Tithi
त्रयोदशी Trayodashi तिथि हमें भक्ति, संयम, और धर्म का पालन करने का संदेश देती है। यह तिथि भगवान शिव की कृपा से जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करती है।
त्रयोदशी तिथि के लाभ:Benefits of Trayodashi Tithi
- भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
- मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- जीवन में कष्टों का निवारण होता है।
- मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
2026 में त्रयोदशी तिथि सूची:Trayodashi date list in 2026
हिंदू कैलेंडर के अनुसार तेरहवां दिन को त्रयोदशी कहा जाता है। Trayodashi त्रयोदशी शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों में आती है। त्रयोदशी, महीने में दो बार आती है। हिंदू धर्म में त्रयोदशी का अपना विशेष महत्व है। त्रयोदशी तिथि में पड़ने वाला प्रसिद्ध धनतेरस हैं। Trayodashi त्रयोदशी के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। Trayodashi त्रयोदशी में प्रदोष व्रत किया जाता है जो पूर्णतयः भगवान शिव को समर्पित होता है।
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त्रयोदशी तिथि – जनवरी 2026
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
गुरुवार, 1 जनवरी 2026
तिथि समय: 1 जनवरी 2026 को 01:48 प्रातः – 1 जनवरी 2026 को 10:22 रात्रि
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
तिथि समय: 15 जनवरी 2026 को 08:17 अपराह्न – 16 जनवरी 2026 को 10:22 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 31 जनवरी 2026
तिथि समय: 30 जनवरी 2026 को 11:09 प्रातः – 31 जनवरी 2026 को 08:26 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – फ़रवरी 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 15 फ़रवरी 2026
तिथि समय: 14 फ़रवरी 2026 को 04:02 अपराह्न – 15 फ़रवरी 2026 को 05:05 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 1 मार्च 2026
तिथि समय: 28 फ़रवरी 2026 को 08:43 अपराह्न – 1 मार्च 2026 को 07:09 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – मार्च 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (मधु कृष्ण त्रयोदशी)
मंगलवार, 17 मार्च 2026
तिथि समय: 16 मार्च 2026 को 09:41 प्रातः – 17 मार्च 2026 को 09:23 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
मंगलवार, 31 मार्च 2026
तिथि समय: 30 मार्च 2026 को 07:10 प्रातः – 31 मार्च 2026 को 06:56 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – अप्रैल 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 15 अप्रैल 2026
तिथि समय: 15 अप्रैल 2026 को 12:12 प्रातः – 15 अप्रैल 2026 को 10:31 रात्रि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
तिथि समय: 28 अप्रैल 2026 को 06:52 अपराह्न – 29 अप्रैल 2026 को 07:52 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – मई 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 15 मई 2026
तिथि समय: 14 मई 2026 को 11:21 प्रातः – 15 मई 2026 को 08:31 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 29 मई 2026
तिथि समय: 28 मई 2026 को 07:57 प्रातः – 29 मई 2026 को 09:51 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – जून 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 13 जून 2026
तिथि समय: 12 जून 2026 को 07:37 अपराह्न – 13 जून 2026 को 04:08 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 27 जून 2026
तिथि समय: 26 जून 2026 को 10:22 रात्रि – 28 जून 2026 को 12:43 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – जुलाई 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 12 जुलाई 2026
तिथि समय: 12 जुलाई 2026 को 02:04 प्रातः – 12 जुलाई 2026 को 10:30 रात्रि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 27 जुलाई 2026
तिथि समय: 26 जुलाई 2026 को 01:58 अपराह्न – 27 जुलाई 2026 को 04:15 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – अगस्त 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
मंगलवार, 11 अगस्त 2026
तिथि समय: 10 अगस्त 2026 को 08:01 प्रातः – 11 अगस्त 2026 को 04:54 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 26 अगस्त 2026
तिथि समय: 25 अगस्त 2026 को 06:21 प्रातः – 26 अगस्त 2026 को 07:59 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 9 सितंबर 2026
तिथि समय: 8 सितंबर 2026 को 02:43 अपराह्न – 9 सितंबर 2026 को 12:31 अपराह्न
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
तिथि समय: 23 सितंबर 2026 को 10:51 रात्रि – 24 सितंबर 2026 को 11:18 रात्रि
त्रयोदशी तिथि – अक्टूबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
तिथि समय: 7 अक्टूबर 2026 को 11:17 रात्रि – 8 अक्टूबर 2026 को 10:16 रात्रि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
तिथि समय: 23 अक्टूबर 2026 को 02:36 अपराह्न – 24 अक्टूबर 2026 को 01:37 अपराह्न
त्रयोदशी तिथि – नवंबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (धनत्रयोदशी)
शनिवार, 7 नवंबर 2026
तिथि समय: 6 नवंबर 2026 को 10:31 प्रातः – 7 नवंबर 2026 को 10:48 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 23 नवंबर 2026
तिथि समय: 22 नवंबर 2026 को 04:57 प्रातः – 23 नवंबर 2026 को 02:37 प्रातः
त्रयोदशी तिथि – दिसंबर 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 7 दिसंबर 2026
तिथि समय: 6 दिसंबर 2026 को 12:52 प्रातः – 7 दिसंबर 2026 को 02:22 प्रातः
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
मंगलवार, 22 दिसंबर 2026
तिथि समय: 21 दिसंबर 2026 को 05:36 अपराह्न – 22 दिसंबर 2026 को 02:24 अपराह्न





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