Magha Navratri 2026: सनातन धर्म में शक्ति की उपासना के लिए नवरात्रि का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। आमतौर पर लोग चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बारे में जानते हैं, लेकिन साल भर में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो ‘गुप्त’ होती हैं। माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली नवरात्रि को Magha Navratri या माघ गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। यह समय उन साधकों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है जो गुप्त रूप से आध्यात्मिक अभ्यास और तंत्र साधना के माध्यम से विशेष सिद्धियां प्राप्त करना चाहते हैं।
Magha Navratri 2026: तिथि 10 महाविद्याओं की पूजा..
माघ गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
माघ के महीने में आने वाली यह Magha Navratri अन्य नवरात्रि की तुलना में अधिक गोपनीय और साधना प्रधान होती है। जहाँ चैत्र और शारदीय नवरात्रि में देवी दुर्गा के 9 स्वरूपों की सार्वजनिक पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की आराधना का विधान है। यह पर्व विशेष रूप से उन लोगों के लिए मायने रखता है जो अघोरी परंपरा या गुप्त पूजा विधियों से जुड़े होते हैं, हालाँकि माता का आशीर्वाद सभी भक्तों को समान रूप से मिलता है। इस दौरान किए गए जप, तप और दान से साधक को मनोवांछित फल और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
10 महाविद्याओं का दिव्य स्वरूप
Magha Navratri के दौरान जिन 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है, वे ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्तियों का प्रतीक हैं। इन देवियों की साधना गुप्त रूप से करने पर विशेष फल मिलता है। इन 10 महाविद्याओं के नाम इस प्रकार हैं:
देवी काली
माँ तारा
त्रिपुर सुंदरी
भुवनेश्वरी
माता छिन्नमस्ता
त्रिपुर भैरवी
माँ धूमावती
माता बगलामुखी
माता मातंगी
कमला देवी
इन देवियों की पूजा से साधक के जीवन के समस्त कष्टों का नाश होता है और उसे आध्यात्मिक उत्थान प्राप्त होता है।
Top rated products
-
Gayatri Mantra Jaap for Wisdom and Knowledge
View Details₹5,100.00 -
Kaal Sarp Dosh Puja Online – राहु-केतु के दोष से पाएं मुक्ति
View Details₹5,100.00 -
Saraswati Mantra Chanting for Intelligence & Academic Success
View Details₹11,000.00 -
Surya Gayatri Mantra Jaap Online
View Details₹1,000.00 -
Kuber Mantra Chanting – Invoke the Guardian of Wealth
View Details₹11,000.00
गुप्त नवरात्रि में दान की महिमा
हिंदू धर्म में दान को सर्वोच्च कर्म माना गया है, लेकिन Magha Navratri के दौरान किए गए दान को ‘गुप्त दान’ की श्रेणी में रखा जाता है ताकि इसका पूर्ण फल प्राप्त हो सके। मान्यता है कि इस दौरान निस्वार्थ भाव से की गई सेवा और दान से देवी भगवती अत्यंत प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
अन्न दान: सुख-समृद्धि का आधार
माघ मास की इस नवरात्रि में अन्न दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। साधक अपनी क्षमतानुसार गेहूं, चावल, जौ या अन्य अनाज किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान कर सकते हैं। मान्यता है कि अन्न दान करने से घर में माता अन्नपूर्णा और माता लक्ष्मी का वास बना रहता है। इसके अलावा, यह दान व्यक्ति को सभी रोग-दोषों और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है。
कुमकुम दान: सौभाग्य और सुंदरता का प्रतीक
कुमकुम को देवी दुर्गा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है Magha Navratri के दौरान कुमकुम दान करने से देवी भगवती प्रसन्न होती हैं और वैवाहिक सुख में वृद्धि करती हैं यह दान महिलाओं के जीवन में सुंदरता, सफलता और समृद्धि लेकर आता है
Maha Shivratri 2026 Rashifal: महाशिवरात्रि पर 19 साल बाद बना ‘लक्ष्मी-नारायण’ और ‘चतुर्ग्रही’ योग, इन 7 राशियों की पलटेगी किस्मत, जानें अपना राशिफल
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥” सनातन धर्म में देवाधिदेव महादेव की उपासना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि…
Falgun Vinayak Chaturthi 2026 Date And Time : फाल्गुन विनायक चतुर्थी फरवरी को बन रहा है महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व…
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Falgun Vinayak Chaturthi 2026 mein kab Hai: सनातन धर्म में किसी…
Phulera Dooj 2026 Date And Time: फुलेरा दूज 19 फरवरी को बरसेगा राधा-कृष्ण का प्रेम, जानें सही तारीख, पूजा विधि और अबीर-गुलाल के अचूक उपाय
“श्री राधा-कृष्ण शरणम् मम” Phulera Dooj 2026 Mein Kab Hai: भारतीय संस्कृति और हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास का विशेष महत्व…
जौ और वस्त्रों का दान
मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए जौ का गुप्त दान करने की परंपरा है माना जाता है कि जौ दान करने से जीवन की समस्त बाधाएं और समस्याएं दूर हो जाती हैं इसके साथ ही, आर्थिक समृद्धि के लिए लाल, पीले या सफेद रंग के वस्त्रों का दान भी भक्तों को करना चाहिए यदि संभव हो, तो सौभाग्य की प्राप्ति के लिए चांदी या सोने के छोटे आभूषण भी दान किए जा सकते हैं
तिल और गुड़ का विशेष महत्व
चूँकि यह पर्व माघ के महीने में आता है, इसलिए तिल और गुड़ का दान विशेष फलदायी होता है काले तिल, तिल के लड्डू या तिल-गुड़ से बनी मिठाइयाँ दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
गौ सेवा और मंत्र साधना
Magha Navratri के दौरान गौ माता की सेवा या गोदान करने का फल अनंत बताया गया है मान्यता है कि गौ सेवा करने से मनुष्य के संपूर्ण पापों का नाश होता है और उसे परम सौभाग्य की प्राप्ति होती है
दान और पूजा करते समय “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे” मंत्र का जाप करना चाहिए यह मंत्र माता के आशीर्वाद को सिद्ध करने में सहायक होता है और साधक के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाता है
निष्कर्ष: एक अनुशासित जीवन की शुरुआत
Magha Navratri केवल नौ दिनों का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह स्वयं को अनुशासित करने और ईश्वर से जुड़ने का एक माध्यम है चाहे आप 10 महाविद्याओं की कठिन साधना न कर सकें, लेकिन सात्विक आहार, दान और श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से भी आप माता की कृपा प्राप्त कर सकते हैं。 माघ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाला यह पर्व आपके जीवन में नई खुशियां और शांति लेकर आए, यही मंगलकामना है




