रामायण और रामचरित मानस हमारे पवित्र ग्रंथ हैं। तुलसीदास जी ने श्री राम को ईश्वर मान कर रामचरितमानस की रचना की है किन्तु आदिकवि वाल्मीकि ने अपने रामायण में श्री राम को मनुष्य ही माना है। तुलसीदास जी ने राम…
शिव विवाह कथा को भारत की आध्यात्मिक कथाओं में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। शिव विवाह में पार्वती के पिता शिव का वंश जानना चाहते थे। फिर शिव ने क्या जवाब दिया? कथा में बताया गया है कि शिव मौन…
परमेश्वर सदाशिव (शिव, शंकर, रुद्र या महेश नहीं) के तीन प्रकट रूपों में से प्रथम भगवान विष्णु के 24 अवतार माने गए हैं, उनमें से ही दो अवतार हैं- नर और नारायण। हम जिन्हें नारायण कहते हैं वे विष्णु के…
आज तक हम आपको बहुत से ऐसे शिव मंदिरों के बारे में बता चुके हैं, जिनका रहस्य या कहें कि उनसे जुड़े पौराणिक तत्थ अपने आप में एक मिसाल है। कहने का मतलब है कि इन मंदिर से जुड़ी कथाएं…
महाराष्ट्र के मुंबई शहर स्थित सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है, जिसकी गिनती देश के सबसे व्यस्त धार्मिक स्थलों में की जाती है। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए यहां हजारों की तादाद में देश-विदेश से…
शिवपुराण के अनुसार एक बार माता पार्वती ने स्नान से पूर्व शरीर पर हल्दी का उबटन लगाया था। इसके बाद जब उन्होंने उबटन उतारा तो इससे एक पुतला बना दिया और उसमें प्राण डाल दिए। इस तरह भगवान गणेश की…
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और…
इस बार रोहिणी व्रत 17 जून दिन शनिवार को रखा जाएगा. यह उपवास हिन्दू और जैन धर्म में बहुत महत्व रखता है. यह दिन दोनों धर्मों के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. आपको बता दें कि आषाढ़ मास…
आज शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी (Mata Lakshmi) की पूजा के लिए समर्पित है. आज मैं आपको माता लक्ष्मी से जुड़ी एक कथा के बारे में बताता हूं, जिसमें माता लक्ष्मी स्वर्ग छोड़कर चली जाती हैं. इसके फलस्वरूप सभी देवता श्रीहीन हो जाते…
मां लक्ष्मी सुख, समृद्धि और धन की देवी है। जब लक्ष्मी माता का व्रत किया जाता है तो लक्ष्मी माता की कहानी सुनकर व्रत पूर्ण किया जाता है। लक्ष्मी माता के व्रत को ‘वैभव लक्ष्मी व्रत’ भी कहा जाता है।…
महाराजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ आरंभ करने की ठानी। महाराज की आज्ञानुसार श्यामकर्ण घोड़ा चतुरंगिनी सेना के साथ छुड़वा दिया गया। महाराज दशरथ ने समस्त मनस्वी, तपस्वी, विद्वान ऋषि-मुनियों तथा वेदविज्ञ प्रकाण्ड पण्डितों को यज्ञ सम्पन्न कराने के…
महाबली हनुमान के नाम लेने से ही सभी कष्ट दूर हो जाते है। संकटमोचन हनुमान का सुमिरन करने से न सिर्फ भय, बल्कि सभी प्रकार के संकट भी छू-मंतर हो जाते है। बजरंगबली की महिमा से तो हम सभी भली-भांति…